Monday, January 25, 2010

patriotism

देश हमें देता हैं सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें
सूरज हमें रौशनी देता
हवा नया जीवन देतीं हैं
भूख मिटाने को हम सब की
धरती पर होती खेती है
ओरो का भी हित हो जिसमे
हम ऐसा कुछ करना सीखें
देश हमें देता हैं सब कुछ
हम भी तो कुछ देना सीखें
गर्मियों की तपती दोपहर में
पेड़ सदा देते है छाया
सुमन, सुगंद सदा देती है
हम सबको फूलो की माला
त्यागी तरुणों के जीवन से
हम ऐसा कुछ करना सीखें
जो अनपढ़ है उन्हें पढाये
जो चुप है उनको वाणी दे
जो पिछड़े है उन्हें बढ़ाये
प्यासी धरती को पानी दे
हम मेहनत के दीप जलाकर
नया उजाला करना सीखें
देश हमें देता हैं सब कुछ
हम भी तो कुछ देना सीखें ....
this poem which is very close to my heart... i am very much attuned to this since class 6th..

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